क्रिकेट के मैदान पर भारतीय महिला टीम की अगुवाई कर रहीं स्मृति मंधाना को अब एक सामाजिक भूमिका भी मिली है। यूनिसेफ़ इंडिया ने उन्हें अपना सेलिब्रिटी एडवोकेट बनाया है।
इस भूमिका में मंधाना बच्चों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर काम करेंगी। उनका ध्यान ख़ास तौर पर लैंगिक समानता और लड़कियों को बराबर अवसर दिलाने पर रहेगा। यानी जिन मंचों पर अब तक वे अपने बल्ले से पहचानी जाती रही हैं, वहाँ अब वे इन सवालों को भी सामने रखेंगी।
मंधाना की इस नई भूमिका का स्वागत पूर्व दिग्गज बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर ने भी किया। यूनिसेफ़ से जुड़े तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर उन्हें इस ज़िम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं।
यह घोषणा मंधाना के करियर के एक अहम मोड़ पर आई है। हरमनप्रीत कौर के कप्तानी छोड़ने के बाद बीसीसीआई ने 6 अक्टूबर 2026 को उन्हें टीम की पूर्णकालिक कप्तान नियुक्त किया था। पूर्णकालिक कप्तान के तौर पर उनकी पहली परीक्षा ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ होने वाली घरेलू सीरीज़ में होगी।
मंधाना का क्रिकेट से रिश्ता बहुत छोटी उम्र में शुरू हुआ था। नौ बरस की उम्र में वे अपने भाई के साथ पहली बार एक क्रिकेट ट्रायल में पहुँची थीं। उस दिन से भारतीय टीम की कप्तानी तक पहुँचीं मंधाना अब खेल के साथ-साथ बच्चों से जुड़े मुद्दों की आवाज़ भी बनेंगी।
एक ही हफ़्ते में कप्तानी और यूनिसेफ़ की यह भूमिका, दोनों उनके हिस्से आई हैं। आने वाले महीनों में मैदान पर टीम की अगुवाई के साथ-साथ वे इस नई ज़िम्मेदारी को भी निभाती दिखेंगी।
स्रोत: आज तक



