प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को चेन्नई के दौरे पर रहे, जहाँ उन्होंने तमिलनाडु के लिए 13 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा की परियोजनाओं की शुरुआत की। इनमें कुछ योजनाओं का लोकार्पण हुआ, कुछ पूरी हो चुकी परियोजनाएँ जनता को सौंपी गईं और कुछ की आधारशिला रखी गई। ये परियोजनाएँ परिवहन और दूसरे अहम क्षेत्रों से जुड़ी हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ़ विजय और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर भी मौजूद थे।
दौरे का सबसे अहम हिस्सा चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण का कॉरिडोर-4 रहा। प्रधानमंत्री ने इसके पूनमल्ली–वडपलनी खंड पर सेवाओं की शुरुआत की। लगभग 15 किलोमीटर लंबे इस खंड पर 11 एलिवेटेड स्टेशन हैं और इसे बनाने पर क़रीब 4,900 करोड़ रुपये ख़र्च हुए हैं।
हरी झंडी दिखाने के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री विजय ने साथ बैठकर मेट्रो की सवारी की। इस सफ़र के लिए प्रधानमंत्री ने बाक़ायदा टिकट ख़रीदा।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य में सरकार चाहे किसी की भी हो, केंद्र तमिलनाडु के विकास के लिए उसके साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर बिताए वर्षों से उन्हें राज्य सरकारों की ज़रूरतें समझने में मदद मिली। उन्होंने याद किया कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उनका एम. करुणानिधि और जे. जयललिता से संवाद रहा, और प्रधानमंत्री के तौर पर वे जयललिता, ओ. पन्नीरसेल्वम, ई. पलानीस्वामी और एम.के. स्टालिन के साथ काम कर चुके हैं।
शहरी परिवहन पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में देश के सिर्फ़ 5 शहरों में मेट्रो सेवा थी, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 25 हो गई है।
नए खंड के खुलने से इस रास्ते पर रोज़ सफ़र करने वालों को सड़क के अलावा आवाजाही का एक और विकल्प मिल गया है।
स्रोत: न्यूज़24




