जापान के वित्तीय नियामक ने बैंकों से कहा है कि वे ग्राहकों की पहचान की पुष्टि के लिए ज़्यादा मज़बूत तरीक़े अपनाएँ। यह सलाह साइबर हमलों और डेटा लीक की उन घटनाओं के बाद आई है, जिनकी चपेट में 20 से ज़्यादा कंपनियाँ आई हैं।
आँकड़ों में सबसे बड़ा मामला टाइम्स कार रेंटल का है। ख़बरों के मुताबिक़ इस कार रेंटल कंपनी के लगभग 66 लाख खातों से जुड़ी जानकारी बाहर आ गई है। प्रभावित कंपनियों में कार रेंटल के अलावा रेलवे और दूसरी सेवाएँ देने वाली कंपनियाँ भी हैं।
रेल कंपनी जेआर ईस्ट के मामले में अभी तस्वीर साफ़ नहीं है। उसकी बुकिंग प्रणाली से क़रीब 16.7 लाख ईमेल पते लीक होने का अंदेशा जताया गया है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे लीक का सबसे बड़ा ख़तरा ठगी का है। ग्राहकों की निजी जानकारी के सहारे धोखाधड़ी और दूसरे साइबर अपराध किए जा सकते हैं, और बैंकों से पहचान की जाँच कड़ी करने को इसी वजह से कहा गया है।
ऐसे मामलों में ग्राहकों के लिए कुछ बुनियादी सावधानियाँ काम आती हैं: अपने पासवर्ड बदलें, एक ही पासवर्ड कई जगह इस्तेमाल न करें, अनजान ईमेल या संदेशों में आए लिंक पर क्लिक करने से बचें, और अपने बैंक खातों व ऑनलाइन खातों की गतिविधि पर नज़र रखें।
स्रोत: आज तक



